18 June 2026 कोरबा: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बिजली दरों में की गई वृद्धि के विरोध में आयोजित प्रेसवार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भाजपा सरकार पर जनता विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी केवल बिजली बिल का मुद्दा नहीं है, बल्कि प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति से जुड़ा गंभीर विषय है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने घरेलू एवं व्यावसायिक बिजली दरों में वृद्धि कर प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी और इसका सीधा असर जुलाई माह के बिजली बिलों में दिखाई देगा। महंगाई से पहले ही जूझ रहे परिवारों के लिए यह निर्णय अत्यंत कष्टदायक साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आय बढ़ाने में विफल रही है, लेकिन लगातार उनके खर्च बढ़ा रही है।

उन्होंने कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार की तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना लागू की गई थी, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिली थी। वहीं वर्तमान सरकार ने इस लाभ को सीमित कर दिया है और अब बहुत कम उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल पा रहा है। भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय सुविधाएं कम करने का काम कर रही है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि पहले गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई, जिससे आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़े। अब बिजली दरों में वृद्धि से उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र की लागत भी बढ़ेगी, जिसका सीधा असर दूध, सब्जी, किराना, होटल, दुकानों और छोटे उद्योगों पर पड़ेगा। अंततः इसका भार आम जनता को ही उठाना पड़ेगा।
ऊर्जा राजधानी कोरबा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विडंबना है कि बिजली उत्पादन करने वाले प्रदेश में ही जनता अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज जैसी समस्याओं से परेशान है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद दिनों तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती। जब उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल रही है तो दर वृद्धि का औचित्य क्या है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने महतारी वंदन योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रचार करती है, वहीं दूसरी ओर बिजली, गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाकर परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जनता को दी गई राहत से अधिक राशि महंगाई के माध्यम से क्यों वसूली जा रही है।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने सरकार से सवाल किया कि बिजली दर वृद्धि की आवश्यकता क्यों पड़ी, बिजली उत्पादन करने वाले राज्य में बिजली महंगी क्यों हो रही है, उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा कब मिलेगी तथा बिजली कटौती एवं वोल्टेज समस्याओं का स्थायी समाधान कब किया जाएगा।
कांग्रेस ने मांग की कि बिजली दरों में की गई वृद्धि तत्काल वापस ली जाए, घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष सब्सिडी दी जाए, किसानों को सस्ती एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए, अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए तथा बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना जारी की जाए।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस जनता के हितों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। बिजली दर वृद्धि के खिलाफ चलाया जा रहा आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के हित में है। उन्होंने कहा कि जब तक बिजली दर वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा और जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ पार्टी हर स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।
