01 Aug 2026 कोरबा: ग्राम बरबसपुर में आबकारी विभाग द्वारा नई शराब दुकान खोले जाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों के आमंत्रण पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कांग्रेस नेताओं के साथ बरबसपुर पहुंचे और धरने पर बैठे ग्रामीणों एवं महिलाओं से मुलाकात कर उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
इस दौरान जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जब गांव के अधिकांश लोग शराब दुकान खोलने का विरोध कर रहे हैं, तो आबकारी विभाग को उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रस्ताव को तत्काल निरस्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान खुलने से आसपास के रापाखर्रा, भिलाईखुर्द, कर्रानाला सहित कई गांवों का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र भले ही नगर निगम की सीमा में शामिल हों, लेकिन यहां आज भी ग्रामीण परिवेश और पारंपरिक जीवनशैली कायम है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि इन गांवों के अधिकांश परिवार खेती-किसानी और मजदूरी पर निर्भर हैं। बच्चों की शिक्षा, परिवार के भरण-पोषण और उपचार जैसे आवश्यक खर्च कृषि और मेहनत-मजदूरी से पूरे किए जाते हैं। ऐसे में गांव के बीच शराब दुकान खोले जाने से सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं बढ़ने की आशंका है।

जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में संचालित शराब दुकान से रामपुर एवं पथर्रीपारा-मानसनगर क्षेत्र के लोग लंबे समय से परेशान हैं और लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक दुकान को लेकर लगातार विरोध हो रहा है, तो आबकारी विभाग उसे स्थायी रूप से बंद करने पर विचार क्यों नहीं करता। उनका कहना था कि एक दुकान बंद होने से विभाग के राजस्व पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा, जबकि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं मौजूद थीं और प्रस्तावित शराब दुकान का विरोध कर रही थीं। इस दौरान जयसिंह अग्रवाल के समर्थन में नारे भी लगाए गए।
पूर्व मंत्री ने बताया कि जिस भवन में शराब दुकान संचालित किए जाने का प्रस्ताव था, उसके मालिक से उन्होंने दूरभाष पर चर्चा की। बातचीत के बाद भवन मालिक ने आश्वस्त किया कि वह शराब दुकान संचालन के लिए अपना भवन उपलब्ध नहीं कराएगा तथा इस संबंध में आबकारी विभाग को लिखित सूचना भी देगा।
जयसिंह अग्रवाल ने आबकारी विभाग के अधिकारी राकेश राठौर से दूरभाष पर चर्चा करते हुए स्पष्ट कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान खोलने का ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है और विभाग को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार पर अवैध शराब बिक्री और निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने पर नियंत्रण नहीं होने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान के विरोध में जनआक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी इस लड़ाई में वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे और जनहित के मुद्दों पर हर संभव सहयोग करेंगे।
