19 May 2026 कोरबा: पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल से मंगलवार को एसईसीएल परियोजना क्षेत्र गेवरा़, दीपका, कुसमुंडा एवं कोरबा के छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर स्थानीय भारी वाहन चालकों की समस्याओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एसईसीएल की विभिन्न खदान परियोजनाओं में पिछले 15 से 20 वर्षों से कार्यरत स्थानीय भारी वाहन चालक वर्तमान में बेरोजगारी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। पूर्व में कार्यरत कंपनियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई ठेका कंपनियों — पीएनसी, सोनू-मोनू, नीलकंठ सहित अन्य कंपनियों द्वारा बाहरी चालकों की नियुक्तियां की जा रही हैं, जबकि स्थानीय अनुभवी और प्रशिक्षित चालकों की लगातार उपेक्षा हो रही है।
इस पर जयसिंह अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खदान प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं और परिवारों ने वर्षों तक उद्योगों एवं परियोजनाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इसलिए रोजगार के अवसरों में उनका पहला अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की अनदेखी से क्षेत्र में असंतोष की स्थिति बनना स्वाभाविक है।
पूर्व मंत्री ने एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि मुख्यालय स्तर से गेवरा़, दीपका, कुसमुंडा एवं कोरबा-मानिकपुर सहित सभी संबंधित परियोजनाओं के महाप्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं, ताकि खदानों में कार्यरत ठेका कंपनियों द्वारा भारी वाहन चालकों की भर्ती में स्थानीय अनुभवी चालकों को प्राथमिकता दी जा सके।

उन्होंने कहा कि स्थानीय बेरोजगारी की समस्या के समाधान और औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने के लिए परियोजना प्रबंधन एवं छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संवेदनशीलता के साथ इस विषय का निराकरण किया जाना आवश्यक है।
जयसिंह अग्रवाल ने विश्वास जताया कि एसईसीएल प्रबंधन स्थानीय हितों, जनभावनाओं और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक पहल करेगा।
