14 April 2026 कोरबा: डॉ. भीमराव राम जी अम्बेडकर बाबा साहेब लोकप्रिय, भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने दलित एवं बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया। श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री एवं भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार थे। उक्त कथन सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने डॉ. अम्बेडकर जी की 135वीं जयंती अवसर पर जिला कांग्रेस कार्यालय टी पी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम में उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कही। पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स दोनों ही विश्वविद्यालयों से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने विधि, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान के शोध कार्य में ख्याति प्राप्त की। जीवन के प्रारम्भिक कैरियर में वह अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे एवं वकालत की। बाद का जीवन राजनीतिक गतिविधियों में बीता। 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया। 1990 में, मरणोपरांत उन्हे भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारतरत्न से सम्मानित किया गया। जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नत्थु लाल यादव ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का जीवन सामाजिक चिंतन पर आधारित था।

सामाजिक समानता, मौलिक अधिकार, मानवीय न्याय, समाजवाद तथा देश की एकता के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने बताया कि 15 अगस्त 1947 को भारत के स्वतंत्र होते ही पं. जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में बनी सरकार में डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री का पद संभाला था। उन्होने आगे बताया कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर पूरी शक्ति से जीवन भर सामाजिक उत्थान व विकास के लिए कार्य करते रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि वे हर समाज के प्रेरक थे। उनका दर्शन सामाजिक चिंतन पर ही आधारित था। सामाजिक समानता, मौलिक अधिकार, मानवीय न्याय, समाजवाद तथा देश की एकता के लिए संघर्ष के पथ में उन्होने अपने प्राणों की आहूति भी दी। कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नारायण कुर्रे ने कहा कि सच्चे अर्थों में डॉ. अम्बेडकर एक महामानव, सच्चे देश भक्त और महान मानवतावादी थे।
जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सपना चौहान, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, कांग्रेस ओ बी सी अध्यक्ष गजानंद साहु, सांसद प्रतिनिधि मोहन प्रधान, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अध्यक्ष मो.शाहिद, प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी रेखा त्रिपाठी, महिला अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ अध्यक्ष पुष्पा पात्रे, पार्षद बद्री किरण, सुकसागर निर्मलकर, डॉ.गोपाल कुर्रे, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, ब्लॉक अध्यक्ष पालुराम साहु, ए डी जोशी, पूर्व पार्षद डॉ.रामगोपाल यादव, सनीष कुमार, जिला महामंत्री एफ डी मानिकपुरी, गिरधारी बरेठ सचिव डॉ.डी आर नेताम, महेन्द्र थवाईत (गुड्डु), रवि खुंटे, सीमा कुर्रे, जगन्नाथ थवाईत, बसंत राम टंडन, अवधेश लाठिया, शशिराज आदि ने भी संबोधित किया । इन्होंने बताया कि बाबा साहब जहां भी सम्मेलनों व सभाओं को संबोधित करते जय भीम के ऊंचे नारों से गगन (आसमान) गुंज उठता था । इस अवसर पर ब्लॉक एवं मंडल पदाधिकारी विजय आदिले, रवि टोप्पो, विजय आनंद, फरियाद अली रिजवी, रमेश वर्मा, गणेश दास महंत, विरेन्द्र राठौर, दीपक टंडन, ममता अग्रवाल, झलकुंवर ठाकुर, माधुरी ध्रुव, टिंकी महंत, शांता महंत, त्रिवेणी मिरी, जया लहरे, संगीता जांगड़े, श्याम बाई खुंटे, रज्जाक खान, संतोष यादव, मोहित दास महंत, अनिल सिंह, शहजाद खान सहित अनेकों कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे ।
