17 April 2026 कोरबा: छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा के मानिकपुर खदान क्षेत्र में फ्लाई ऐश के कथित अवैध और नियमों के विरुद्ध निपटान को लेकर केंद्र सरकार और एसईसीएल प्रबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर्यावरण संरक्षण के नाम पर दिखावा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।


जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2021 से ऐश डाइक पर प्रतिबंध और एनजीटी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मानिकपुर क्षेत्र में फ्लाई ऐश को ओवरबर्डन पर खुले में पहाड़ की तरह डंप किया जा रहा है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि कोरबा की जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि तेज हवाओं के साथ उड़ने वाला फ्लाई ऐश अब लोगों के घरों, सड़कों और फेफड़ों तक पहुंच रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। धूल के कारण सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रही है।
पूर्व मंत्री ने केंद्र के कोयला मंत्रालय और एसईसीएल प्रबंधन को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए इसे लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित उपेक्षा बताया। उन्होंने कहा कि यदि इस पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो यह जनस्वास्थ्य के खिलाफ अपराध माना जाएगा।
जयसिंह अग्रवाल ने मांग की है कि मानिकपुर क्षेत्र में फ्लाई ऐश निपटान की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और खुले में पड़े फ्लाई ऐश को वैज्ञानिक तरीके से ढंककर सुरक्षित निपटान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कोरबा की जनता के साथ मिलकर सड़क से लेकर संसद तक उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और एसईसीएल प्रबंधन की होगी।
