12 June 2026 कोरबा: जिला कांग्रेस कार्यालय टीपी नगर, कोरबा में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शहीद पंडित विद्याचरण शुक्ल की 13वीं पुण्यतिथि शहादत दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि पंडित विद्याचरण शुक्ल का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे दूरदर्शी, विद्वान एवं समर्पित जनसेवक थे। देश की राजनीति के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका निधन कांग्रेस परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर, मनोज चौहान, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी, प्रदेश कांग्रेस सचिव बी.एन. सिंह, पार्षद बद्री किरण, रवि चंदेल, सुखसागर निर्मलकर, अविनाश बंजारे, प्रेमलता बंजारे, कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नारायण कुर्रे, कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष गजानंद साहू, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता लक्ष्मी नारायण देवांगन, पूर्व पार्षद डॉ. रामगोपाल यादव, बालको ब्लॉक अध्यक्ष ए.डी. जोशी, कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष बंटी शर्मा, जिला कांग्रेस सचिव संतोष यादव, संगीता श्रीवास, मुस्लिम खान, शमसुद्दीन, सुखविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
झीरम घाटी हमले की यादें आज भी ताजा
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि 25 मई 2013 को हुए झीरम घाटी नक्सली हमले को 13 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस हमले में पंडित विद्याचरण शुक्ल गंभीर रूप से घायल हुए थे और घटना के 16 दिन बाद उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था। आज उनकी 13वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस परिवार उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है।
शीर्ष नेतृत्व की क्षति को किया याद
मनोज चौहान ने कहा कि 13 वर्षों बाद भी पीड़ित परिवारों के जख्म ताजा हैं। उस भयावह हमले ने प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व को समाप्त कर दिया था।
वहीं, पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी ने कहा कि 25 मई 2013 कांग्रेस और पीड़ित परिवारों के लिए केवल एक तारीख नहीं, बल्कि कभी न भूलने वाली दर्दनाक और हिंसक घटना है।
उन्होंने बताया कि झीरम घाटी हमले में पंडित विद्याचरण शुक्ल के अलावा महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल, उदय मुदलियार और दिनेश पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने प्राण गंवाए थे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कांग्रेसजनों ने “विद्या भैया अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके जीवन एवं योगदान को याद किया।
