आत्मानंद स्कूलों में ₹1500 शुल्क लागू करने का फैसला गरीब विरोधी – जयसिंह अग्रवाल

13 April 2026 कोरबा: राज्य सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों पर ₹1500 वार्षिक शुल्क लगाए जाने के निर्णय का पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे पूरी तरह गरीब विरोधी और जनविरोधी फैसला बताया है।

अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2019 में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के गरीब, वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को उच्चस्तरीय अंग्रेजी माध्यम शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानंद विद्यालय योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के अंतर्गत आज प्रदेशभर में हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम सहित लगभग 751 विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, गणवेश, पुस्तकें और अन्य अध्ययन सामग्री प्रदान की जाती रही है।

उन्होंने कहा कि आत्मानंद स्कूलों में प्रवेश के लिए हमेशा से ही अधिक मांग रही है, जिसके कारण लॉटरी प्रणाली अपनाई जाती है। यह इस योजना की सफलता और जनता के भरोसे का प्रमाण है। लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा शुल्क लागू करने का निर्णय इस सफल मॉडल को कमजोर करने का प्रयास है।

पूर्व मंत्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम सीधे-सीधे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों ऐसे परिवार हैं, जिनके लिए ₹1500 वार्षिक शुल्क भी देना कठिन है। इससे कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से निकालने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिससे योजना का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि आत्मानंद विद्यालयों की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि यहां बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है। शुल्क लगाने का निर्णय इस व्यवस्था पर कुठाराघात है।

जयसिंह अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए और पूर्व की भांति आत्मानंद स्कूलों में पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था बहाल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द निर्णय वापस नहीं लेती है तो कांग्रेस पार्टी अभिभावकों और छात्रों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *